एक सड़ा सेब

apple story -kahaniexpresएक होनहार युवक था , मगर उसकी संगति बहुत खराब थी। युवक के पिता ने उसे बुरे मित्रों का साथ छोड़ने को कई बार कहा पर युवक को खुद पर बहुत भरोसा था।

उसका कहना था कि वह अपने मित्रों की बुरी आदतों को कभी नहीं अपनाएगा।युवक के पिता अनुभवी थे। वे जानते थे कि बुरी संगत का असर पड़ना तो तय है, सो एक दिन उन्होंने अपने बेटे को समझाने का फैसला किया।

वह बाजार गए और कुछ उम्दा नस्ल के सेब ले आए। उन्होंने सेब की टोकरी आलमारी में रख दी। उन्हीं सेबों के बीच उन्होंने एक सड़ा हुआ सेब भी रख दिया।
उन्हें आलमारी में सड़ा सेब रखता देख पुत्र बोला- पिताजी, यह सड़ा हुआ सेबतो फेंकने लायक है, इसे क्यों आप आलमारी में रख रहे हैं।

पिता ने कहा- अभी रहने दो। बाद में फेंक देंगे। दूसरे दिन पिता ने बेटे को आलमारी से सेब निकालकर लाने को कहा।बेटा सेबों की टोकरी ले आया लेकिन जब सेबों पर उसकी नजर गई तो उसने देखा कि सभी सेब सड़ने लगे हैं।
वह अपने पिता से बोला- पिताजी, कल तक तो सारे सेब ठीक थे पर एक ही दिन में ये सड़ने कैसे लगे?
तब पिता ने जवाब दिया- बेटा, मैंने तुम्हें यही दिखाने के लिए इन सेबों के बीच वह सड़ा हुआ सेब रख दिया था।

यही कुसंगति का प्रभाव है। एक सड़े सेब के कारण सारे अच्छे सेब भी खराब हो गए।
इसी तरह बुरी संगति में अच्छे लड़के भी बिगड़ जाते हैं। बेटा पिता की बात समझ गया।