नीना नारव्हाल का चमकदार राज

आर्कटिक समुद्र में रहने वाली जिज्ञासु नीना नारव्हाल को एक विशाल, चमकता मोती मिलता है। उसे छिपाने के बाद वह समझती है कि सच्चा ख़ज़ाना दोस्तों के साथ बाँटने पर ही सबसे ज़्यादा दमकता है।

यह मित्रता और बाँटने की खुशी पर आधारित एक कोमल समुद्री कहानी है। जिज्ञासु नीना नारव्हाल को बर्फीली गुफा में एक विशाल, इंद्रधनुषी मोती मिलता है। पहले वह डर के कारण उसे छिपा देती है, लेकिन टोबी कछुए की बात से उसे एहसास होता है कि ख़ज़ाने अकेले रखने से नहीं, दोस्तों के साथ साझा करने से सच में चमकते हैं। सैली सील और ऑली ऑक्टोपस के साथ मिलकर नीना सीखती है कि हँसी, गीत और साथ ही सबसे बड़ा खज़ाना हैं।

क्या तुमने कभी नारव्हाल देखा है? यह ठंडे आर्कटिक समुद्र में रहता है। यह एक छोटी व्हेल जैसा दिखता है, लेकिन इसकी एक लंबी, घुमावदार सींग होती है, पानी के यूनिकॉर्न जैसी! इसलिए लोग इसे समंदर का यूनिकॉर्न कहते हैं।

दुनिया के बर्फीले ऊपरी हिस्से में नीले पानी पर बर्फ के फाहे घूमते हैं। वहीं रहती थी जिज्ञासु नीना नारव्हाल। उसकी घुमावदार सींग जादू की तरह चमकती थी, और उसका नन्हा बहादुर दिल हर कोना खोजने को चाहता था।

नीना को चमक बहुत पसंद थी। जो भी चमके, दमके या झिले, उसकी आँखें ख़ुशी से फैल जाती थीं। वह चाँदी जैसी मछलियों का पीछा करती, छुपन-छुपाई खेलती, और चमकीले सीपियों को अपनी गुप्त ढेर में रख लेती।

नीना टोबी कछुए, सैली सील और ऑली ऑक्टोपस के साथ तेज़ी से तैरी। सब मिलकर समुद्री गुफाओं में घूमे, खोए हुए सिक्के खोजे और हँसती बुलबुलें सूरज की ओर भेजीं।

एक ठंडी सुबह, बर्फीली गुफा से नरम इंद्रधनुषी चमक झाँकी। जिज्ञासु नीना अंदर सरक गई। रंग दीवारों पर नाचती छोटी-छोटी रोशनी की तरह झिलमिला रहे थे।

खामोशी में उसने एक बर्फीले गोले जितना बड़ा मोती देखा, जो हर समुद्री रंग में चमक रहा था। नीना बोली, 'वाह! सबसे चमकीली चीज़!' उसका दिल खुशी और हैरानी से बुलबुला उठता था।

नीना मोती को कसकर पकड़कर तेजी से घर की ओर तैरी। लेकिन चिंता की छोटी सी गुदगुदी उसके पेट में होने लगी। 'अगर कोई मेरा ख़ज़ाना ले गया तो?' उसने सोचा और मोती को और भी कस लिया।

उसने मोती को लहराती काई के पीछे एक प्रवाल की दरार में छिपा दिया। दिन बीत गए। नीना अब भी खेलती थी, पर उसकी हँसी हल्की लगती, जैसे दूर कहीं बुलबुले फूट रहे हों।

टोबी कछुआ तैरता हुआ आया। 'नीना, तुम ठीक हो? तुम्हारी मुस्कान छोटी लग रही है,' उसने प्यार से कहा। नीना नीचे देखने लगी; उसका गुप्त मोती किसी भारी पत्थर से भी भारी लग रहा था।

'मैंने एक चमकता मोती पाया,' नीना फुसफुसाई। 'मैंने उसे छिपा दिया क्योंकि मुझे डर लगा।' टोबी मुस्कराया। 'सच्चे ख़ज़ाने दोस्तों के साथ बाँटने पर ही सबसे ज़्यादा चमकते हैं,' उसने कहा।

अगले दिन नीना ने अपने दोस्तों को बुलाया। दिल धड़कता रहा, उसने समुद्री घास का परदा हटाया। मोती सूर्योदय की तरह चमका, और उनकी चौड़ी, हैरान आँखों को रोशन कर दिया।

'यह तो जादू है!' सैली चीखी। ऑली ने अपनी आठों भुजाएँ हिलाईं। नीना के गाल गर्व से चमक उठे जब उनके चारों ओर खुशी के गरम बुलबुले उठने लगे।

'आओ इसे बाँटें,' नीना बोली। मोती अब उनकी कहानियों, गीतों और पानी-नाच का मिलन-स्थल बन गया। हर हँसी के साथ यह और भी दमक उठा।

नीना बर्फ के फाहे से भी हल्की महसूस कर रही थी। अब वह एक चमकदार राज जानती थी: ख़ुशी सबसे ज़्यादा तब चमकती है जब दिल बाँटने का फैसला करते हैं।

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