चतुर टोपीवाला
चार्ली नाम का एक टोपी बेचने वाला जंगल में आराम करते समय अपनी टोपियाँ बंदरों से खो देता है। अपनी चतुराई से वह बंदरों की नकल करने की आदत का उपयोग करता है और अपनी सभी टोपियाँ वापस पा लेता है।
यह नैतिक कहानी चार्ली नाम के एक खुशमिजाज टोपी बेचने वाले की है, जो रंग-बिरंगी टोपियाँ बेचते हुए अलग-अलग शहरों में घूमता है। एक दिन जंगल में आराम करते समय शरारती बंदर उसकी टोपियाँ उठा ले जाते हैं। चार्ली घबराने के बजाय सोच-समझकर काम करता है और बंदरों की नकल करने की आदत को पहचानकर एक उपाय निकालता है। कहानी बच्चों को सिखाती है कि कठिन समय में चतुराई और शांत दिमाग से समस्या का समाधान किया जा सकता है।
एक बार की बात है, चार्ली नाम का एक खुशमिजाज टोपी बेचने वाला था। वह अलग-अलग शहरों में घूमता था, चमकीली और रंग-बिरंगी टोपियाँ बेचता था। 'नमस्ते! अपनी सुंदर टोपियाँ ले लो!' चार्ली खुशी से पुकारता था।
एक धूप वाले दिन, चार्ली एक बड़े जंगल से गुजरा। वह थका हुआ महसूस कर रहा था और एक अच्छी, छायादार पेड़ देखा। 'आह! यह आराम करने की अच्छी जगह है,' उसने कहा।
चार्ली ने अपनी टोपी का बैग अपने पास रखा और सो गया। वह धीरे-धीरे खर्राटे लेने लगा।
जब चार्ली सो रहा था, कुछ शरारती बंदरों ने उसकी टोपियाँ देखीं। 'वाह! रंग-बिरंगी टोपियाँ! चलो उन्हें पहनें!' बंदरों ने कहा, पेड़ों से नीचे उतरते हुए।
बंदरों ने टोपियाँ पहन लीं और वापस पेड़ों पर चढ़ गए। 'ही ही! हमें देखो! हम कितने मजेदार लग रहे हैं!' वे हँसने लगे।
चार्ली जाग गया और देखा कि उसकी टोपियाँ गायब हैं! 'अरे नहीं! मेरी टोपियाँ कहाँ गईं?' वह रोया।
उसने ऊपर देखा और पेड़ों में बंदरों को देखा, जो उसकी टोपियाँ पहने हुए थे! 'ये शरारती बंदर मेरी टोपियाँ ले गए!' चार्ली ने कहा।
चार्ली ने अपनी टोपियाँ वापस पाने के लिए कड़ी सोच की। तभी उसे याद आया: बंदरों को नकल करना पसंद है! 'मेरे पास एक उपाय है!' उसने सोचा।
चार्ली ने अपनी टोपी उतारी और जमीन पर रख दी। 'मुझे देखो, बंदरो!' वह चिल्लाया।
बंदरों ने उसकी नकल की। उन्होंने अपनी टोपियाँ उतारीं और उन्हें भी जमीन पर रख दिया। 'चलो हम भी वही करें जो उसने किया!' उन्होंने कहा।
चार्ली खुशी से सभी टोपियाँ उठा लीं। 'धन्यवाद, बंदरो! अब मैं अपने रास्ते जा सकता हूँ,' उसने कहा।
चार्ली एक और शहर गया, अपनी रंग-बिरंगी टोपियाँ बेचते हुए। 'आओ, अपनी सुंदर टोपियाँ ले लो!' वह पुकारा। नैतिक: चतुर सोच से समस्याओं का हल होता है।